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फ्यूचर वास्तु जयपुर , राजस्थान से >
लाखों पाठको की पसंद बन चुका दैनिक जैन पंचांग
30 अक्टूम्बर 2021, शनिवार , मास – कार्तिक , कृष्ण पक्ष, नवमी
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सरल वास्तु टिप्स >
चंद्रमा वायव्य दिशा का स्वामी ग्रह है और वायु देव इस दिशा के अधिपति हैं। यह दिशा वायु के प्रवेश के लिए आदर्श स्थान है क्योंकि यह एक प्रकार से गर्म और ठंडे क्षेत्रों का मिलन बिंदु है।
वायव्य में रसोई घर का निर्माण किया जा सकता है, चूंकि आग्नेय के समान वायव्य भी रजस गुण से संबंधित दिशा है, अतः यह रसोई बनाने के लिए दूसरी सबसे अच्छी दिशा है।
क्रॉस पॉइंट को छोड़कर रसोई बनाना चाहिए
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👉नक्षत्र – अश्लेशा
👉चन्द्र – कर्क – 12:52 तक
( आज जन्म लेने वाले बच्चो की राशि कर्क – 12:52 तक होगी
👉 अभिजित- 11:48 से 12:33
👉 राहुकाल – 09:23 से 10:47
👉 दिशा शूल – पश्चिम
👉अग्निवास -पृथ्वी
सूर्योदय – 06:33
सूर्यास्त – 17:48
➡️दिन का चौघड़िया >
काल – हानि
06:35 से 07:59काल वेला
शुभ – उत्तम
07:59 से 09:23
रोग – अमंगल
09:23 से 10:47Rahu Kalam
उद्वेग – अशुभ
10:47 से 12:10
चर – सामान्य
12:10 से 13:34
लाभ – उन्नति
13:34 से 14:58वार वेला
अमृत – सर्वोत्तम
14:58 से 16:22
काल – हानि
16:22 से 17:45काल वेला
🌙रात्रि का चौघड़िया >
लाभ – उन्नति
17:45 से 19:22काल रात्रि
उद्वेग – अशुभ
19:22 से 20:58
शुभ – उत्तम
20:58 से 22:34
अमृत – सर्वोत्तम
22:34 से 24:11+
चर – सामान्य
24:11+ से 25:47+
रोग – अमंगल
25:47+ से 27:23+
काल – हानि
27:23+ से 29:00+
लाभ – उन्नति
29:00+ से 30:36+काल रात्रि
वास्तु कंसलटेंट
( 20 वर्षो से निरंतर )
वास्तुविद- राकेश जैन हरकारा
( फ्यूचर वास्तु जयपुर)
,Mob- 9414365650
( परामर्श ऑफिस और फोन दोनों पर सशुल्क है )
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