#शेयर
#विद्याधर_से_विद्यासागर (किताब)
#धर्म_क्षेत्र_का_बन्ना : दीक्षा से एक दिन पूर्व विद्याधर को विशेष विधि से आहार लेना था। कहें ब्रह्मचारी के रूप में किन्तु मुनि की तरह खड़े होकर, करपात्री बनना था। इस आहार के समय अत्यधिक जन समुदाय हो गया था। समय पर वे चौकी पर खड़े हो गए। श्रावकों को वही सुख, पुण्य, यश प्राप्त होता लगा जो एक मुनि को आहार देने से होता है। वातावरण आहार-दान के तेज से अति उत्साहित हो पड़ा था।पोस्ट-90…शेषआगे…!!!
