● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

Day 09 : : तत्त्वसार गाथा 16 – 17
ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामी
प्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर

तम्हा अब्भसउ सया
मोत्तूणं राय-दोस वा मोहो।
झायउ णिय-अप्पाणं
जइ इच्छह सासयं सोक्खं।।16।।

दंसण-णाण-पहाणो
असंख-देसो हु मुत्ति-परिहीणो।
स-गहिय-देह-पमाणो
णायव्वो एरिसो अप्पा।।17।।

Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें
➡️

स्वाध्याय group को join करने के लिए m. 9314591397 पर डॉ. पुलक गोयल पर whatsapp कीजिए।

★Share in all ur Jain groups★

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *