🥁संस्मरण🥁
शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 पुनः एक सोच गोमटेश का –दूर बाहुबली जी की प्रतिमा के पास जयघोषों से आकाश बार-बार भर जाता था, दर्शक टकटकी लगायें कभी प्रतिमा जी की ओर तो कभी मुनि संघों की ओर देखते । बाहुबली के दर्शन, पंचतत्त्वों का गंधोधक और तीर्थराज श्रवणबेलगोला का धर्ममय वातावरण, मल्लप्पाजी और श्रीजी को […]
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