टीकमग़ढ़ : आज बंधाजी के बंधन में बंध रहा हूं: मुनि विमलसागर

चातुर्मास कलश स्थापना

बम्हौरी बराना। बुंदेलखंड के अति प्राचीन जैन तीर्थ क्षेत्र बंधाजी में आचार्य विद्यासागरजी के मंगल आशीर्वाद से पंचऋषिराजों का मंगलमय चातुर्मास रविवार को कलश स्थापना के साथ सम्पन्ना हुआ। जैन दर्शन में चातुर्मास का विशेष महत्व बतलाया गया है। चातुर्मास वर्षायोग 4 माह का वह समय होता है। जब बारिश शुरू हो जाती है अनेक प्रकार की वनस्पति हो जाती हैं। इस मौके पर धर्मसभा में मुनि विमलसागर महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि आज कलश स्थापना हो रही है मैं आज बंधाजी के बंधन से बंधने जा रहा हूं। आचार्य के आशीर्वाद से 5 ऋषिराजो का बंधा की क्षेत्र पर पहली बार चातुर्मास हो रहा है। चातुर्मास की आप लोग कलश स्थापना कर रहे हैं आप लोग भी स्थापना के साथ बंधा जी के अजितनाथ भगवान के बंधन से बधने जा रहे हैं।

विमल सागर महाराज ने कहा कि मुनिराज बारिश में बिहार नहीं करते हैं। बारिश में अनेक प्रकार के छोटे-छोटे जीव जंतु कीड़े मकोड़े जन्म लेते हैं। इसी कारण मुनि महाराज एक जगह रुक कर अपना धर्म ध्यान एवं भगवान की आराधना करते हैं। बारिश में अनेक प्रकार की जीवो की उत्पत्ति हो जाती है । वह जीव इतने छोटे होते हैं कि हम उनको नग्न आंखों से नहीं देख सकते हैं। उन जीवों को किसी प्रकार की हानि एवं कष्ट नहीं पहुंचे इसलिए जैन साधु मुनि महाराज 4 माह एक स्थान पर रहकर अपनी धर्म साधना करते हैं। यह चतुर्मास दीपावली को पूरा हो जाता है। दीपावली के बाद मुनि राजो का बिहार शुरू हो जाता है। जैन धर्म अहिंसा प्रधान धर्म है।

आयोजन के संबंध में प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि रविवार को कलश स्थापना के दिन प्रातः 7.30 बजे मंदिर जी में श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा एवं पूजन किया गया तथा 8.15 बजे विद्यासागर रजत सभागार में भगवान का अभिषेक शांतिधारा एवं पूजन संपन्ना हुई। 8.45 बजे से विश्वशांति महायज्ञ हवन के साथ सिद्धचक्र महामंडल विधान का निष्ठापन किया गया। दोपहर 12.45 पर विमल सागर जी महाराज अपने संघ के साथ मूल मंदिर से विशाल जुलूस के साथ बेदी ग्राउंड स्थल स्थित आचार्य विद्यासागर सभागार में आगमन हुआ भक्तों द्वारा मुनि संघ का पाद प्रक्षालन किया गया। दोपहर 1ः30 बजे से कलश स्थापना का कार्यक्रम शुरू हुआ। कलश स्थापना कार्यक्रम में टीकमगढ़, ललितपुर, झांसी, मऊरानीपुर, सागर, जबलपुर, भोपाल, पृथ्वीपुर, बम्हौरी, मोहनगढ़ आदि स्थानों से जैन श्रावको ने आकर कार्यक्रम को रोचक बना दिया। इसके साथ ही जो लोग यहां नहीं आ सके उन्होंने ऑनलाइन के माध्यम से पुण्य अर्जन कराया गया। बंधाजी प्रबंध कमेटी द्वारा बाहर से आये श्रेष्ठीयो का तिलक एवं बंधा जी की पट्टिका पहनाकर सम्मान किया। कमेटी की तरफ से अध्यक्ष मुरली जैन, मंत्री अरविंद जैन, निर्देशक कैलाश जैन ,उपनिदेशक महेश जैन, संयोजक डी.के. जैन, कोषाध्यक्ष सुभाष जैन, अक्षय रसिया, राजेंद्र मोदी, महेंद्र जैन, सुमत जैन, बट्टू कक्का, बल्ले जैन ,जितेंद्र जैन आदि लोग शामिल रहे।

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