निर्माणाधीन😍– श्री १००८ #पार्श्वनाथ_भगवान, दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र, सांवलिया पार्श्वनाथ, करगुआ जी (ऊ.प्र)
करगुवां स्थित अतिशय जैन तीर्थ सावलियां #पार्श्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हो गया। यह मंदिर आगामी समय मे भव्य एवं सुंदर रूप ले लेगा। जो बुन्देलखण्ड के प्रमुख जैन तीर्थ क्षेत्रों में अद्वितीय एवं दर्शनीय स्थल बनेगा। आर्यिका #पूर्णमति माता के सानिध्य में सकल जैन समाज, दिगम्बर जैन पंचायत समिति एवं वर्षायोग समिति के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ करने का निर्णय किया।
उस अवसर पर आर्यिका पूर्णमति माता जी ने कहा कि- धर्म का कार्य सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण है। इसे सभी को आगे आकर एकजुटता के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा- कि झांसी जैन समाज ने आचार्य विद्यासागर महामुनि से आशीर्वाद लेने के बाद मंदिर के जीर्णोद्धार का जो पुनीत कार्य प्रारंभ किया है वह आचार्य भगवन के मंगल आशीष से समय पर अवश्य पूर्ण होगा। उन्होंने सकल जैन समाज का आह्वान किया कि अपने-अपने महल और अट्टालिकायें तो सभी बना लेते हैं लेकिन भगवान के मंदिर का यह निर्णय शीघ्र हो इसमें भी सभी के सहयोग की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि धर्म का कार्य तो अमृत पान के समान है।
आर्यिका पूर्णमति माता ने कहा- कि समाधि एक ऐसा वाहन है जिस पर सवार होकर साधक मुक्ति का द्वार पार कर लेता है। समाधि आत्महत्या नहीं, आत्म शुद्धि की प्रक्रिया है। इसमें कषायों का शोधन होता है अर्थात् संलेखना का अर्थ जीवन का अंत नहीं त्याग का बसंत है। प्रारंभ में बालाबेहट, राधौगढ़, ललितपुर एवं गुना से आये पुण्यार्जक परिजनों ने आचार्य विद्यासागर के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्जवलित कर धर्मसभा का शुभारंभ कराया।







