🤔 #विचारणीय ❗
➡️भरत भगवान को दीक्षा लेते ही अन्तर्मुहूर्त में अर्थात ४८ मिनिट के भीतर ही केवल ज्ञान प्रगट हो गया था। अब दीक्षा से पहले भरत भगवान ने केश लोंच तो अवश्य किए होंगे और केवल ज्ञान के बाद मोक्ष जाने तक केवली के केश नहीं बढ़ते यह नियम है। तो यह बात सुनिश्चित है कि भरत भगवान का पूर्ण केवली काल केश रहित ही रहा था और भगवान के मोक्ष गमन के समय भी भगवान केश रहित ही रहे होंगे।
🤔 फिर ज्ञानमती माताजी द्वारा कॉनॉट प्लेस दिल्ली में जो केश सहित भरत भगवान की प्रतिमा स्थापित की गई है वो आगम के विपरीत है❓
🖼️ज्ञानमती माताजी द्वारा कॉनॉट प्लेस दिल्ली में केश सहित भरत भगवान की प्रतिमा की फ़ोटो सलग्न है
सकल दिगम्बर जैन समाज✍🏽
