एक तरफ ब्रह्म स्थान को खाली रखने का निर्देश दूसरी तरह तुलसी या भगवान की वेदी स्थापना क्यों ? वास्तु शंका समाधान 20 जून नीचे लींक पर क्लिक कर जाने >>
https://youtu.be/Mb_ktsGsIIw
👉वीर निर्वाण सम्वत -2547 -48 , विक्रम सम्वत – 2078
23 जून , 2021 बुधवार , ज्येष्ठ माह , शुक्ल पक्ष त्रयोदशी + चतुर्दशी
👉नक्षत्र – अनुराधा
👉चन्द्र – वृश्चिक
( आज जन्म लेने वाले बच्चो की राशि वृश्चिक होंगी
👉 अभिजित -कोई नहीं
👉 राहुकाल – 12:29 से 14:13
👉 दिशा शूल – उत्तर
👉 अग्निवास – पाताल – 06:59 तक बाद में पृथ्वी पर
सूर्योदय – 05:32
सूर्यास्त – 19:20
➡️दिन का चौघड़िया >
लाभ – उन्नति
05:34 से 07:18
अमृत – सर्वोत्तम
07:18 से 09:02
काल – हानि
09:02 से 10:45काल वेला
शुभ – उत्तम
10:45 से 12:29
रोग – अमंगल
12:29 से 14:13वार वेला Rahu Kalam
उद्वेग – अशुभ
14:13 से 15:57
चर – सामान्य
15:57 से 17:40
लाभ – उन्नति
17:40 से 19:24
🌙रात्रि का चौघड़िया >
उद्वेग – अशुभ
19:24 से 20:40
शुभ – उत्तम
20:40 से 21:57
अमृत – सर्वोत्तम
21:57 से 23:13
चर – सामान्य
23:13 से 24:29+
रोग – अमंगल
24:29+ से 25:46+
काल – हानि
25:46+ से 27:02+
लाभ – उन्नति
27:02+ से 28:18+काल रात्रि
उद्वेग – अशुभ
28:18+ से 29:34+
वास्तु कंसलटेंट
( 20 वर्षो से निरंतर )
वास्तुविद राकेश जैन हरकारा
( फ्यूचर वास्तु जयपुर)
,Mob- 9414365650
( परामर्श ऑफिस और फोन दोनों पर सशुल्क है )
