🙏संशोधित पंचांग 🙏
⏱ दैनिक पंचांग ✍️
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👉वीर निर्वाण सम्वत -2547 -48 , विक्रम सम्वत – 2078
28 अप्रैल , 2021 मंगलवार , बैशाख कृष्णा द्वितीय , बुधवार
👉 > क्या आपको खांसी , बुखार या अन्य कोई गंभीर बिमारीहै ?
तो ध्यान रखे अगर जल्दी ठीक होना है तो उत्तर दिशा की तरफ पैर करके सोये। और दवाइयों को सिरहाने की और यानी दक्षिण दिशा की और रखे।
अगर मरीज को दक्षिण दिशा की और पैर करके सुलायेंगे तो ठीक होने के चांस कम होकर बिमारी के बढ़ने के चांस अधिक बन जाते है।
दिशा सूचक यन्त्र की सुई जिस प्रकार हमेशा उत्तरी ध्रुव की और रहती है क्यों की ध्रुव तारा हमेशा उत्तर दिशा के मध्य बिंदु पर स्थित रहता है।
उसी प्रकार अनेक ग्रह , उपग्रह पृथ्वी की जिस दिशा में होते है उनकी चुम्बकीय शक्ति उसी दिशा से सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव छोड़ती है।
वास्तु चक्र इन्ही तारो , ग्रहो , उपग्रहों के प्रभाव से निर्मित किया गया है।
सफलता के लिए फैक्ट्री , भूमि , भवन आदि की एनर्जी टेस्ट करवाकर सही मार्गदर्शन प्रात अवश्य करना चाहिए।
👉नक्षत्र – विशाखा
👉चन्द्र – तुला
( आज जन्म लेने वाले बच्चो की तुला होंगी
👉 अभिजित – कोई नहीं
👉 राहुकाल – 12:25 से 14:03
👉 दिशा शूल – उत्तर
👉 अग्निवास- पाताल
सूर्योदय – 05:51
सूर्यास्त – 18:58
➡️दिन का चौघड़िया >
लाभ – उन्नति
05:51 से 07:29
अमृत – सर्वोत्तम
07:29 से 09:08
काल – हानि
09:08 से 10:46काल वेला
शुभ – उत्तम
10:46 से 12:25
रोग – अमंगल
12:25 से 14:03वार वेला Rahu Kalam
उद्वेग – अशुभ
14:03 से 15:41
चर – सामान्य
15:41 से 17:20
लाभ – उन्नति
17:20 से 18:58
🌙रात्रि का चौघड़िया >
उद्वेग – अशुभ
18:58 से 20:20
शुभ – उत्तम
20:20 से 21:41
अमृत – सर्वोत्तम
21:41 से 23:03
चर – सामान्य
23:03 से 24:24+
रोग – अमंगल
24:24+ से 25:46+
काल – हानि
25:46+ से 27:07+
लाभ – उन्नति
27:07+ से 28:29+काल रात्रि
उद्वेग – अशुभ
28:29+ से 29:50+
वास्तु एवं ज्योतिष कंसलटेंट >> ( 20 वर्षो से निरंतर )
राकेश जैन हरकारा ,Mob- 9414365650
( परामर्श ऑफिस और फोन दोनों पर सशुल्क है )
