
*अभी गिरनार मे सर्वे चल रहा है,*
कि जैन अगर ज्यादा आते है तो जैन तीर्थ घोषित करेगे,
अगर वैष्णव ज्यादा आते है तो वैष्णव तीर्थ घोषित करेगे।
तो इस समय सभी जैन बंधु ज्यादा से ज्यादा संख्या मे सबको गिरनार ले जाना चाहिए।
*जिससे गिनती मे जैन बढने से जैन तीर्थ घोषित हो,*
इसलिये सबको वाट्सएप से जितना हो सके, सभी जैनियों को जानकारी दे।
*जैन तीर्थ ही घोषित किया जाना चाहिए:*
क्योंकि वह जैन तीर्थ ही है।
यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए एक रचनात्मक उपाय हो सकता है।
हमारे धर्माधिकारी और समाज अधिकारी अपने-अपने भव्य आयोजनों की भव्यता कुछ कम करके,
उस बचत से श्रावकों को सामूहिक रुप से अपने अपने क्षेत्र से यात्रा कर कराएं।
*समूह में जाने से क्षेत्र पर भीड़ भी दिखाई देगी और जब हम सब इकट्ठे जाएंगे तो हम में एकता का भाव संगठन का भाव भी बढ़ेगा।*
*जय जिनेंद्र!*
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