श्री1008 पद्मप्रभ दिगम्बर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र श्री प्रभाषगिरि जी, पभोषा, कौशाम्बी
तीर्थंकर पदम प्रभु जी का तप कल्याणक प्रभाषगिरि पर हुआ था। द्वार पर बंधे हाथी की दशा सुनने से पूर्व भवों का ज्ञान हुआ और वैराग्य हुआ।
इलाहाबाद से 65 किमी,

Jain Sant
श्री1008 पद्मप्रभ दिगम्बर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र श्री प्रभाषगिरि जी, पभोषा, कौशाम्बी
तीर्थंकर पदम प्रभु जी का तप कल्याणक प्रभाषगिरि पर हुआ था। द्वार पर बंधे हाथी की दशा सुनने से पूर्व भवों का ज्ञान हुआ और वैराग्य हुआ।
इलाहाबाद से 65 किमी,
